शकुंतला देवी (2020): फिल्म समीक्षा

शकुंतला देवी (2020): फिल्म समीक्षा

भारत में नई शिक्षा नीति के अनुरूप, अचानक चौंकाते हुए, शकुंतला देवी की जीवनी पर फिल्म आती है, जिन्हें मानव कंप्यूटर के रूप में जाना जाता है, जो बिना किसी औपचारिक शिक्षा के भारत की एक प्रतिभाशाली गणितज्ञ रही हैैं। शकुंतला देवी का जन्म 4 नवंबर, 1929 को बैंगलोर में हुआ था। गणितीय गणना करने की उनकी क्षमता को उनके बचपन में ही खोजा लिया गया जिसने उनके पिता को पैसे के लिए गणित के शो करने के लिए प्रेरित किया। बाद में उन्होंने अपनी प्रतिभा को पूरी दुनिया की यात्रा करते हुए प्रर्दशित किया। उन्होंने 1982 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया जब उन्होंने 28 सेकंड में दो 13 अंकों की संख्या के गुणन का सही उत्तर दिया।

 

जीवनी पर आधारित यह फिल्म शकुंतला देवी के व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन पर केंद्रित है। विद्या बालन ने शकुंतला देवी के किरदार को बहुत खूबसूरती से भावनाओं और ड्रामा के साथ चित्रित किया जो शो बिजनेस का हिस्सा है। यह फिल्म के ज्यादातर दृश्यों में झलकता है। विद्या बालन का यह रूप उनके प्रशंसकों को खासतौर पर पसंद आएगा।

 

यह फिल्म सोनी पिक्चर्स और विक्रम मल्होत्रा ​​द्वारा निर्मित है, जिसमें 25 करोड़ रुपए का बजट है। कोविड-19 महामारी के कारण इसे 31 जुलाई 2020 को अमेज़न प्राइम पर रिलीज़ किया गया। यह फिल्म वेब श्रृंखला “फोर मोर शॉट्स प्लीज़” प्रसिद्धि वाली अनु मेनन द्वारा निर्देशित है। उन्होंने फिल्म को शकुंतला देवी के व्यक्तिगत और पेशेवर किरदार के बीच संतुलित करने की कोशिश की है लेकिन ऐसा लगता है कि शकुंतला देवी की प्रतिभा का अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व नहीं किया गया है। अधिक ध्यान उसकी व्यावसायिक उपलब्धियों पर हो सकता था। यह एक प्रेरक फिल्म हो सकती थी। कीको नखरा की सिनेमैटोग्राफी बहुत सुखदायक है। अंतरा लाहिड़ी का संपादन सराहनीय है। करण कुलकर्णी का संगीत स्कोर सपाट है और कोई छाप नहीं छोड़ता।

 

बेटी अनु के रूप में सान्या मल्होत्रा ​​की ओवरएक्टिंग से चिढ़ होती है। अमित साध की प्रतिभा का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। उसके पास करने के लिए बहुत कुछ नहीं था। बाकी सभी कलाकार ठीक हैं। विद्या बालन वास्तविक शकुंतला देवी की तरह नायक के रूप में अपने कंधे पर फिल्म लेकर चलती हैं। वे बोल्ड और बिंदास हैं और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हैं।

 

यह एक पारिवारिक फिल्म है जिसमें थोड़ा हास्य भी है। फिल्म को विद्या बालन के लिए एक बार देखा जा सकता है।

 

 

 

रेटिंग: पांच में से तीन

द्वारा आर एस शांडिल्य


Shakuntala Devi (2020): Film Review