How to make Kaanji from black Carrots

How to make Kaanji from black Carrots

Ingredients

  • Black Carrots Fresh : 1 kg
  • Mustard Seed (Small) grinded : 50 grams
  • Salt : 100 grams
  • Red Chilli (Coarse powder) : 50 grams

Other Items

  • 5 kg glass jar or container with lid.
  • Cutting Board or kitchen knife
  • A pan for washing carrots
  • A serving spoon
  • A peeler

Procedure

  • Wash fresh black carrots thoroughly and peel off their skin with peeler.
  • Make small and thin pieces of cleaned carrots.
  • Put all these pieces in the clean jar.
  • Pour clean potable water into the jar upto the brim.
  • Now put one serving spoon each of salt, red chilli powder and mustard into the jar and mix it well.
  • Close the lid of the jar and keep it in the sun for 3-4 days and keep shaking it slowly in the morning and evening so that it is mixed properly.
  • The water will become very dark red and sour in taste after 3-4 days.
  • The Kaanji can be consumed in a glass container, ceremic cups and plastic tumblers.
  • The black carrots can be had along with the Kaanji.
  • As the days pass, the water will become more sour, so keep taking out the kaanji from the jar and keep adding more water, salt and chilli powder to maintain a desired level of spices and taste.
  • The kaanji should be consumed within 10 days. The remaining kaanji and residual carrots, if any, may be thrown and fresh kaanji may be made again.

Precautions:-

  • Wash and clean hands and all items before use.
  • Use good quality spices.
  • Shake the kaanji jar everyday.
  • Consume the kaanji in limited quantity i.e. 200-300 ml per day only with meals. More use may lead to loose motion.
    Mix plain water if the taste is too sour while drinking.

Benefits:-

  • This kaanji made from Black carrots is prepared traditionally in India and is very famous drink used from December to March especially during the time of Holi festival.
  • Apart from great taste, it has health benefits as follows:-
    It gives a lot of Vitamin A, B, C and minerals like zinc, selenium, calcium, potassium & iron etc and good for eyes, heart and bones.
  • Good for skin, hair, acne, pimples, pigmentation etc.
  • Useful in fight against cancer.
  • Provide a lot of anti-oxidants and helps in building immunity against diseases.
  • Relieves constipation and stomach disorders and improves digestion.
  • It improves blood circulation and Clears the clogged blood vessels and does not allow cholesterol to block arteries and prevent atherosclerosis.
  • It cleans and detoxify liver. It helps in increasing level of oxygen in the blood.
  • It helps in rheumatoid arthritis, vericose veins, muscle degeneration etc.

 

काली गाजर से कांजी कैसे बनाये

सामग्री:

काली गाजर (ताजा): 1 किलो
छोटी सरसों के बीज (पिसे): 50 ग्राम
नमक (पिसा): 100 ग्राम
लाल मिर्च (पिसी/ कुटी): 50 ग्राम

अन्य सामान:

1. ढक्कन के साथ 5 किलो ग्लास जार या कंटेनर
2. कटिंग बोर्ड या रसोई का चाकू
3. गाजर धोने के लिए एक बरतन
4. एक बड़ी चम्मच (सर्विंग स्पून)
5. एक छिलके उतारने वाला चाकू

प्रक्रिया:

1. ताजी काली गाजर को अच्छी तरह से धो लें और छिलके छीलने वाले चाकू से छीलकर साफ़ कर लें।
2. साफ गाजर के छोटे और पतले टुकड़े करें।
3. इन सभी टुकड़ों को साफ जार में डालें।
4. जार को साफ पीने योग्य पानी से भर दें।
5. अब जार में एक बड़ी चम्मच भरकर नमक, लाल मिर्च पाउडर और सरसों डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
6. जार के ढक्कन को बंद करें और इसे 3-4 दिनों के लिए धूप में रखें और सुबह और शाम इसे धीरे-धीरे हिलाते रहें ताकि यह ठीक से मिश्रित हो जाए।
7. पानी 3-4 दिनों के बाद स्वाद में बहुत गहरा लाल और खट्टा हो जाएगा।
8. कांजी का सेवन कांच के गिलास, सेरेमिक कप और प्लास्टिक के गिलास में किया जा सकता है।
9. कांजी के साथ काली गाजर के छोटे छोटे टुकड़े खाए जा सकते हैं।
10. जैसे-जैसे दिन बीतेंगे, पानी अधिक खट्टा होता जाएगा, इसलिए कांजी को जार से बाहर निकालते रहें और मसाले और स्वाद का एक वांछित स्तर बनाए रखने के लिए अधिक पानी, नमक और मिर्च पाउडर मिलाते रहें।
11. कांजी का सेवन 10 दिनों के भीतर कर लेना चाहिए। शेष कांजी और बचे गाजर के टुकड़े, यदि हों, फेंक देने चाहिएं और नई ताजा कांजी फिर से बना लेनी चाहिए।

सावधानियां: –

1. कांजी बनाना शुरू करने से पहले हाथ और सभी वस्तुओं को धो लें और साफ कर लें।
2. अच्छी गुणवत्ता वाले मसालों का उपयोग करें।
3. कांजी जार को रोज हिलाएं।
4. कांजी का सेवन सीमित मात्रा में यानी 200-300 मिली प्रतिदिन केवल भोजन के साथ करें। अधिक उपयोग से पेट ख़राब हो सकता है।
5. अगर पीने के दौरान स्वाद बहुत खट्टा हो तो सादा पानी मिला कर पी सकते हैं।

लाभ: –

काली गाजर से बना यह पेय भारत में पारंपरिक रूप से तैयार किया जाता है और विशेष रूप से होली के त्योहार के समय दिसंबर से मार्च तक उपयोग किया जाता है। शानदार स्वाद के अलावा, इसके स्वास्थ्य लाभ निम्नानुसार हैं: –
3. यह बहुत सारे विटामिन ए, बी, सी और खनिज जैसे जस्ता, सेलेनियम, कैल्शियम, पोटेशियम और लोहा आदि देता है और आंखों, दिल और हड्डियों के लिए अच्छा होता है।
4. त्वचा, बाल, मुँहासे, दाने, पिगमेंटेशन आदि के लिए अच्छा है।
5. कैंसर से लड़ने में उपयोगी।
6. बहुत सारे एंटी-ऑक्सीडेंट प्रदान करता है और बीमारियों के खिलाफ प्रतिरक्षा बनाने में मदद करता है।
7. कब्ज और पेट की बीमारियों से राहत देता है और पाचन क्रिया में सुधार करता है।
8. यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और बंद रक्त वाहिकाओं को साफ करता है। यह कोलेस्ट्रॉल द्वारा धमनियों को अवरुद्ध होने से बचाता है और एथेरोस्क्लेरोसिस को रोकता है।
9. यह लीवर को साफ और डिटॉक्सीफाई करता है। यह रक्त में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
10. यह संधिशोथ, फूली नसों व मांसपेशियों की विकृतियों से बचाने में सहायक है।

By
RS Shandilya

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